COVID-19 महामारी

★ COVID ★

मुस्कुराती हुई जिंदगी
वीरान सी हो गई।
चेहरे पे छाई हँसी
गुमनाम सी हो गई।।
मोहल्ले, दफ़्तर-बस्ती
सुनसान सी हो गई।
आज फ़िर जिंदगी मँहगी
और दौलत सस्ती हो गई।।

आरजू है मिलने की तुमसे,
पर मिल ना पाएंगे।
हमें आपकी फिक्र है,
हर फ़र्ज निभाएंगे।।
जिन्दगी रही,फ़िर मिलेंगे
किसी राह, किसी मोड़ पर।
अपनों को सुरक्षित रखने,
डिस्टेंस हम अपनाएंगे।।

Covid के भय से अपनों को
देखा है दूर हटते हुए।
रईसों को भी देखा है,
आगे इसके घुटने पड़ते हुए।।
ऐसा दर्दनाक मंज़र न आए
कभी किसी के जीवन में।
क्यूंकि लाशों को भी देखा है
जलने, लाइन में लगते हुए।।

बेवज़ह घर से न निकलें,
घर पर रहें, सुरक्षित रहें।
वरना, कोई शख्स बिछुड़ जाए
अपनों से, पछतावा होगा।।
काश उन नियमों का
पालन करते मनबहलावा होगा।।

अंत में यूँ कहूँ कि
ये सिर्फ दिखावा होगा।।
ये सब पहले उन्हें बताए होते,
पाठ कोरोना का पढ़ाये होते।
अपने होते, अपनों के बीच,
काश ये गुर उन्हें सिखाये होते।।

अब तो-
यमपुरी से भी यमराज बोल उठे हैं,
मास्क लगाओ, डिस्टेंस बनाओ।
भारत को भारत ही रहने दो,
चीन का वुहान मत बनाओ।
चीन का वुहान मत बनाओ।।


—-महेन्द्र कुमार साहू
खलारी गुंडरदेही
बालोद छ. ग.
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
COVID नियमों का पालन जरूर करें।।🙏

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